भारत में कैपिटल गेन्स टैक्स: शॉर्ट टर्म (STCG) बनाम लॉन्ग टर्म (LTCG) दरें, ₹1.25 लाख छूट सीमा और रियल एस्टेट नियम
Capital Gains Tax Architecture in India: STCG vs. LTCG, Exemption Thresholds, and Section 54/54EC Relief
कैपिटल गेन्स टैक्स पूंजीगत संपत्तियों (शेयर, म्यूचुअल फंड, रियल एस्टेट, सोना) की बिक्री से होने वाले मुनाफे पर लगता है। लिस्टेड शेयरों पर 1 वर्ष से अधिक होल्डिंग पर LTCG ₹1.25 लाख छूट के बाद 12.5% की दर से, और 1 वर्ष से कम पर STCG 20% की दर से लगता है। अचल संपत्ति पर LTCG की दर 12.5% निर्धारित है।
Capital Gains Tax is levied on the profits realized from the transfer of capital assets (stocks, mutual funds, real estate, gold). Equity LTCG is taxed at 12.5% above ₹1.25 Lakh annual exemption, equity STCG is taxed at 20% (Section 111A), while unlisted assets and real estate are taxed at 12.5% LTCG with specific indexation grandfathering provisions.
प्रमुख बिंदु एवं पारिभाषिक शब्दावली
इक्विटी LTCG (धारा 112A)
12 महीने से अधिक रखे गए लिस्टेड शेयरों व इक्विटी म्यूचुअल फंड्स पर ₹1.25 लाख वार्षिक लाभ कर-मुक्त; अतिरिक्त लाभ पर 12.5% टैक्स।
इक्विटी STCG (धारा 111A)
12 महीने से कम अवधि में बेचे गए लिस्टेड इक्विटी शेयरों पर 20% की फ्लैट दर से अल्पकालिक पूंजीगत लाभ कर।
अचल संपत्ति (Real Estate LTCG)
24 महीने से अधिक होल्डिंग पर बिना इंडेक्सेशन 12.5% LTCG (23 जुलाई 2024 से पूर्व खरीदी संपत्तियों के लिए 20% इंडेक्सेशन का विकल्प उपलब्ध)।
धारा 54 एवं 54EC कर बचत
आवासीय मकान की बिक्री से प्राप्त LTCG को नए मकान में निवेश (धारा 54) या 6 महीने के भीतर NHAI/REC बॉण्ड में ₹50 लाख तक निवेश (धारा 54EC) पर पूर्ण टैक्स छूट।
1. पूंजीगत संपत्ति और होल्डिंग अवधि (Holding Period Rules)
आयकर अधिनियम की धारा 2(14) के अनुसार पूंजीगत संपत्ति को दो श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है:
| संपत्ति का प्रकार | शॉर्ट-टर्म (STCG) होल्डिंग अवधि | लॉन्ग-टर्म (LTCG) होल्डिंग अवधि |
|---|---|---|
| लिस्टेड शेयर एवं इक्विटी म्यूचुअल फंड | 12 महीने या उससे कम | 12 महीने से अधिक |
| अचल संपत्ति (भूमि, भवन, मकान) | 24 महीने या उससे कम | 24 महीने से अधिक |
| सोना एवं अनलिस्टेड शेयर | 24 महीने या उससे कम | 24 महीने से अधिक |
| डेब्ट म्यूचुअल फंड (1 अप्रैल 2023 के बाद) | अवधि निरपेक्ष (हमेशा STCG) | लागू स्लैब दर पर टैक्स |
2. नवीनतम कैपिटल गेन्स टैक्स दरें (Tax Rate Matrix)
| परिसंपत्ति श्रेणी | शॉर्ट-टर्म टैक्स दर (STCG) | लॉन्ग-टर्म टैक्स दर (LTCG) | वार्षिक छूट सीमा |
|---|---|---|---|
| लिस्टेड इक्विटी शेयर / इक्विटी फंड | 20% (धारा 111A) | 12.5% (धारा 112A) | ₹1,25,000 प्रति वर्ष |
| अचल संपत्ति (मकान / जमीन) | स्लैब दर अनुसार | 12.5% (बिना इंडेक्सेशन) | शून्य (शर्तों के साथ छूट) |
| अनलिस्टेड शेयर एवं बॉण्ड्स | स्लैब दर अनुसार | 12.5% | शून्य |
| सोना एवं बहुमूल्य धातुएं | स्लैब दर अनुसार | 12.5% | शून्य |
3. रियल एस्टेट में कर बचत के वैधानिक उपाय
- धारा 54 (नया आवासीय मकान खरीदना):
- मकान बेचकर होने वाले LTCG को 1 वर्ष पहले या 2 वर्ष के भीतर नया मकान खरीदने (या 3 वर्ष में निर्माण) में लगाने पर टैक्स पूरी तरह माफ हो जाता है।
- धारा 54EC (कैपिटल गेन्स बॉण्ड्स):
- संपत्ति हस्तांतरण के 6 महीने के भीतर NHAI, REC, PFC या IRFC के 5-वर्षीय बॉण्ड्स में अधिकतम ₹50 लाख निवेश कर टैक्स बचाया जा सकता है।
- धारा 54F (अन्य संपत्ति बेचकर मकान खरीदना):
- प्लॉट, सोना या कमर्शियल संपत्ति बेचकर शुद्ध प्रतिफल (Net Consideration) से नया आवासीय घर खरीदने पर आनुपातिक छूट मिलती है।