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GPU क्लस्टर द्वारा बड़े AI मॉडल का प्रशिक्षण: भारत की नई शक्ति

ANH समाचार ब्यूरो6 October 2026 at 12:00 am2 min read
GPU क्लस्टर द्वारा बड़े AI मॉडल का प्रशिक्षण: भारत की नई शक्ति
GPU क्लस्टर द्वारा बड़े AI मॉडल का प्रशिक्षण: भारत की नई शक्तिPhoto Credit: इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY)

GPU क्लस्टर ने बड़े पैमाने पर AI मॉडल के प्रशिक्षण को तेज़ और किफायती बना दिया है, जिससे भारत की तकनीकी स्वायत्तता को नया impulso मिला है। इस लेख में हम क्लस्टर की संरचना, भारत में वर्तमान स्थिति और भविष्य के परिदृश्य की चर्चा करेंगे।

भारत में AI अनुसंधान की गति पिछले पाँच वर्षों में अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गई है, और इस गति के पीछे GPU क्लस्टर की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

GPU क्लस्टर की तकनीकी संरचना

GPU (ग्राफ़िक्स प्रोसेसिंग यूनिट) मूलतः ग्राफ़िक्स रेंडरिंग के लिए विकसित हुए, परन्तु उनकी समानांतर प्रोसेसिंग क्षमता ने उन्हें डीप लर्निंग के लिए आदर्श बना दिया। एक क्लस्टर में सैकड़ों से लेकर हजारों GPU को हाई‑स्पीड इंटरकनेक्ट (NVLink, InfiniBand) द्वारा जोड़ा जाता है, जिससे मॉडल के पैरामीटर को एक साथ कई टेरेबाइट डेटा पर प्रोसेस किया जा सकता है। इस आर्किटेक्चर में CPU केवल कार्यप्रवाह का समन्वय करता है, जबकि मुख्य गणना GPU पर होती है।

भारत में वर्तमान परिदृश्य और प्रमुख पहल

भारत सरकार ने 2023 में राष्ट्रीय AI सुपरकंप्यूटिंग पहल के तहत ₹12,000 करोड़ का निवेश घोषित किया, जिससे 10,000 से अधिक GPU को विभिन्न सार्वजनिक एवं निजी डेटा सेंटर में स्थापित किया गया। प्रमुख संस्थानों – ISRO, IITs, और निजी कंपनियों जैसे इन्फोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज – ने मिलकर बड़े भाषा मॉडल (LLM) और मल्टीमॉडल AI सिस्टम का प्रशिक्षण शुरू किया है। उदाहरण के तौर पर, एक हालिया प्रयोग में 1.2 ट्रिलियन पैरामीटर वाले मॉडल को 48‑घंटे में प्रशिक्षित किया गया, जो पहले के 96‑घंटे की तुलना में 50% समय बचत दर्शाता है।

भविष्य की संभावनाएँ और चुनौतियाँ

GPU क्लस्टर की बढ़ती उपलब्धता से स्वास्थ्य, कृषि, और स्वचालित वाहन जैसे क्षेत्रों में कस्टम AI समाधान विकसित हो रहे हैं। हालांकि, ऊर्जा खपत, डेटा सुरक्षा, और कुशल प्रतिभा की कमी प्रमुख चुनौतियों के रूप में उभर रही हैं। सरकार की ओर से नवीकरणीय ऊर्जा के साथ क्लस्टर संचालन को जोड़ने की योजना, तथा AI‑कुशल इंजीनियरों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम, इन बाधाओं को कम करने में सहायक हो सकते हैं।

समग्र रूप से, GPU क्लस्टर न केवल भारत को AI में वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे ले जा रहे हैं, बल्कि विभिन्न उद्योगों में नवाचार को भी गति दे रहे हैं।

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कहानी का संदर्भ और व्याख्या

नॉलेज बेस
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एआई ट्रेनिंग में हजारों जीपीयू हाई-स्पीड नेटवर्क के जरिए मिलकर काम करते हैं और पेटाबाइट्स डेटा को समानांतर रूप से प्रोसेस करते हैं।

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भारत ने स्वदेशी AI कंप्यूट प्लेटफ़ॉर्म की घोषणा की, जिससे बड़े‑पैमाने पर मॉडल प्रशिक्षण में विदेशी निर्भरता घटेगी। यह पहल राष्ट्रीय तकनीकी स्वायत्तता को सुदृढ़ करते हुए स्टार्ट‑अप और बड़े उद्यमों को प्रतिस्पर्धी लाभ देगी।

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Tags:#GPU#AI#डेटा सेंटर#प्रौद्योगिकी#भारत
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