बेसिक शिक्षकों के अवकाश नियमों पर हाईकोर्ट का अहम आदेश: अर्जित अवकाश (EL) पर शासनादेश व विधिक स्थिति का पूरा विश्लेषण
बेसिक शिक्षकों के अवकाश नियमों पर हाईकोर्ट का अहम आदेश: अर्जित अवकाश (EL) पर शासनादेश व विधिक स्थिति का पूरा विश्लेषण
इलाहाबाद हाईकोर्ट में बेसिक शिक्षकों को ग्रीष्मावकाश में गैर-शैक्षणिक ड्यूटी के बदले अर्जित अवकाश (Earned Leave) देय होने को लेकर दाखिल याचिका और बेसिक शिक्षा परिषद के प्रचलित अवकाश नियमों पर विधिक विश्लेषण। जानिए आकस्मिक, मातृत्व, बाल्य देखभाल व अर्जित अवकाश के पूर्ण नियम।
यूपी बेसिक शिक्षकों के अवकाश नियम एवं हाईकोर्ट का ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य
उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत कार्यरत प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों के अवकाश नियमों, विशेषकर अर्जित अवकाश (Earned Leave - EL) को लेकर इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेशों और विभागीय शासनादेशों के मध्य विधिक स्थिति अत्यंत महत्वपूर्ण हो चुकी है।
माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद में दाखिल रिट याचिका संख्या 511/2024 (संगीता व अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य) में शिक्षकों को ग्रीष्मावकाश व शीतकालीन अवकाश के दौरान बीएलओ (BLO), पल्स पोलियो, गणना अथवा अन्य गैर-शैक्षणिक शासकीय कार्यों में लगाए जाने के उपलक्ष्य में अर्जित अवकाश प्रदान करने की मांग पर विस्तृत सुनवाई हुई है।
1. अर्जित अवकाश (Earned Leave - EL) पर विधिक प्रावधान एवं हाईकोर्ट का रुख
- मौजूदा नियम (अध्यापक सेवा नियमावली व अवकाश नियम): वित्तीय हस्तपुस्तिका (Financial Hand Book - Vol II) तथा बेसिक शिक्षा परिषद के सामान्य नियमों के अनुसार शिक्षण संस्थाओं को 'वैकेशन डिपार्टमेंट' (Vacation Department) माना जाता है, जहाँ शिक्षकों को पूर्णकालिक ग्रीष्मावकाश व शीतकालीन अवकाश प्राप्त होता है। इसी आधार पर सामान्यत: शिक्षकों को प्रत्येक वर्ष 31 दिनों का सामान्य अर्जित अवकाश देय नहीं होता है।
- हाईकोर्ट में चुनौती एवं आधार: यदि बेसिक शिक्षकों को ग्रीष्मावकाश अथवा सार्वजनिक अवकाश के दिनों में प्रशासनिक आदेशों के तहत गैर-शैक्षणिक शासकीय कर्तव्यों (जैसे मतदाता पुनरीक्षण / BLO ड्यूटी, जनगणना, आपदा राहत) में अनिवार्य रूप से उपस्थित कराया जाता है, तो वित्तीय नियमों के तहत वे ड्यूटी दिवसों के समतुल्य अर्जित अवकाश (Earned Leave) अर्जित करने के पूर्ण अधिकारी हैं।
- रिट याचिका (Writ-A No. 511/2024): कोर्ट ने राज्य सरकार एवं बेसिक शिक्षा परिषद को निर्देशित किया कि ग्रीष्मावकाश में शासकीय दायित्वों का निर्वहन करने वाले अध्यापकों को नियमानुसार अर्जित अवकाश के लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता।
2. बेसिक शिक्षकों को अनुमन्य अन्य प्रमुख अवकाशों का आधिकारिक ब्यौरा
मानव संपदा पोर्टल (e-HRMS) के माध्यम से परिषदीय शिक्षकों को स्वीकृत किए जाने वाले मुख्य अवकाश निम्नलिखित हैं:
| अवकाश का प्रकार | अनुमन्य दिवस / सीमा | स्वीकृति अधिकारी | मुख्य नियम व शर्तें |
|---|---|---|---|
| आकस्मिक अवकाश (Casual Leave - CL) | एक कैलेंडर वर्ष में 14 दिन | प्रधानाध्यापक / इंचार्ज (अधिकतम 3 दिन), खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) | 1 जनवरी से 31 दिसंबर तक प्रभावी। एक साथ 3 दिन से अधिक के लिए BEO अनुमोदन। |
| चिकित्सा अवकाश (Medical Leave) | संपूर्ण सेवाकाल में 365 दिन (अर्धवेतन/पूर्णवेतन रूपांतरित) | खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) / जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) | एलोपैथिक/आयुर्वेदिक पंजीकृत चिकित्सक का प्रमाणपत्र व फिटनेस आवश्यक। |
| मातृत्व अवकाश (Maternity Leave) | 180 दिन (प्रथम दो जीवित संतानों तक) | जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) | प्रसव पूर्व अथवा प्रसव पश्चात एकमुश्त अनुमन्य। वेतन सहित स्वीकृत। |
| बाल्य देखभाल अवकाश (Child Care Leave - CCL) | संपूर्ण सेवाकाल में 730 दिन (दो संतानों की 18 वर्ष आयु तक) | जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) | एक कैलेंडर वर्ष में अधिकतम 3 बार, एक बार में न्यूनतम 15 दिन अनुमन्य। |
| विशेषाधिकार अवकाश / प्रतिकर अवकाश | सक्षम प्राधिकारी के आदेशानुसार | खंड शिक्षा अधिकारी / BSA | निर्वाचन अथवा विशेष अनिवार्य ड्यूटी पर अनुमन्य। |
3. मानव संपदा पोर्टल (e-HRMS) पर अवकाश आवेदन की पारदर्शी व्यवस्था
- ऑनलाइन आवेदन अनिवार्य: बेसिक शिक्षा परिषद के समस्त शिक्षकों व शिक्षामित्रों/अनुदेशकों के लिए अवकाश आवेदन केवल मानव संपदा पोर्टल (ehrms.upsdc.gov.in) के माध्यम से ही स्वीकार्य हैं।
- समयबद्ध निस्तारण: आकस्मिक अवकाश का निस्तारण विद्यालय स्तर पर 24 से 48 घंटे के भीतर तथा चिकित्सा/मातृत्व अवकाश का निस्तारण BSA स्तर पर निर्धारित समय-सीमा के भीतर करना अनिवार्य है।
- बिना पूर्व सूचना अनुपस्थिति: बिना स्वीकृत अवकाश के विद्यालय से अनुपस्थित पाए जाने पर वेतन अवरुद्ध करने एवं अनुशासनात्मक कार्यवाही का स्पष्ट नियम है।
4. शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण निष्कर्ष (Key Takeaways)
- ग्रीष्मावकाश में बीएलओ अथवा प्रशासनिक कार्य कराने पर संबंधित सक्षम अधिकारी से ड्यूटी प्रमाणपत्र प्राप्त कर अर्जित अवकाश का विधिवत दावा मानव संपदा पर प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
- किसी भी प्रकार के अनधिकृत ऑफलाइन अवकाश मान्य नहीं हैं।
Related in BASIC-SAMACHAR
23 अक्टूबर को परिषदीय विद्यालयों में मतदाताओं हेतु विशेष आकस्मिक अवकाश स्वीकृत: विधान परिषद (MLC) चुनाव को लेकर आदेश जारी
23 अक्टूबर को परिषदीय विद्यालयों में मतदाताओं हेतु विशेष आकस्मिक अवकाश स्वीकृत: विधान परिषद (MLC) चुनाव को लेकर आदेश जारी
उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में 23 अक्टूबर 2026 को विधान परिषद (MLC) स्नातक व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के मतदान हेतु पंजीकृत मतदाता शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए विशेष आकस्मिक अवकाश स्वीकृत करने का आधिकारिक निर्देश।
69000 शिक्षक भर्ती मामला: सुप्रीम कोर्ट में अब 17-18 नवंबर को होगी विस्तृत सुनवाई, आरक्षण व मेरिट रिविजन पर सबकी निगाहें
69000 शिक्षक भर्ती मामला: सुप्रीम कोर्ट में अब 17-18 नवंबर को होगी विस्तृत सुनवाई, आरक्षण व मेरिट रिविजन पर सबकी निगाहें
उत्तर प्रदेश की 69,000 सहायक अध्यापक भर्ती मामले में आरक्षण नियमों, 6800 आरक्षित वर्ग सूची और हाईकोर्ट डबल बेंच के फैसले के खिलाफ दायर एसएलपी पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली। अब 17-18 नवंबर 2026 को होगी निर्णायक बहस।
यूपी शिक्षक पदोन्नति व वरिष्ठता निर्धारण: मौलिक नियुक्ति तिथि समान होने पर गुणवत्ता अंक बना विवाद की जड़, सेवा नियमावली 1981 का सच
यूपी शिक्षक पदोन्नति व वरिष्ठता निर्धारण: मौलिक नियुक्ति तिथि समान होने पर गुणवत्ता अंक बना विवाद की जड़, सेवा नियमावली 1981 का सच
उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली, 1981 के नियम 22 के तहत वरिष्ठता निर्धारण में मौलिक नियुक्ति तिथि, जन्मतिथि और चयन गुणांक (गुणवत्ता अंक) को लेकर उत्पन्न विवाद, बीएसए के विवादास्पद आदेश और उच्च न्यायालय में 15 अक्टूबर की सुनवाई का समग्र विश्लेषण।